म्यूजिक कंपोजर और सिंगर अमाल मलिक पिछले दिनों रियेलिटी शो 'बिग बॉस 19' को लेकर चर्चा में रहे थे, जिसमें उन्होंने बतौर कंटेस्टेंट एंट्री ली थी। इस दौरान अमाल मलिक अपनी फैमिली से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर बात करते दिखे थे। अब एक बार फिर अमाल ने कुछ खुलासे करके सबको हैरानी में डाल दिया है। अमाल ने दावा किया कि 2004 में आई फिल्म 'मर्डर' का म्यूजिक पहले उनके पिता और म्यूजिक कंपोजर डब्बू मलिक को दिया गया था। अमाल के अनुसार, उनके पिता ने फिल्म के संगीत पर काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन जैसे ही उनके चाचा अनु मलिक को इसकी भनक लगी, उन्होंने निर्माता महेश भट्ट से संपर्क किया और मुफ्त में पूरा साउंडट्रैक तैयार करने का ऑफर दे दिया, जिसके चलते आखिरकार डब्बू मलिक इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गए।
अनु मलिक में है जुनून
फिल्मफेयर से बातचीत में अमाल ने अपने चाचा अनु मलिक के बारे में बात करते हुए कहा कि अनु मलिक में एक जुनून है, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि वह इसका इस्तेमाल अपने ही परिवार को नुकसान पहुंचाने के लिए करते हैं। अमाल हमेशा से ही अपने चाचा अनु मलिक के साथ अपने तनावपूर्ण रिश्तों के बारे में खुलकर बात करते आए हैं। बिग बॉस 19 के दौरान भी वह इस बारे में खुलकर बात करते दिखे थे। उन्होंने दावा किया कि अनु मलिक द्वारा प्रोफेशनल फ्रंट पर की गई साजिशों के कारण उनके पिता डब्बू मलिक एक समय पर डिप्रेशन के शिकार हो गए थे।
अमाल मलिका का खुलासा
अमाल ने कहा, “मर्डर फिल्म शुरुआत में मेरे पापा (डब्बू मलिक) को ऑफर की गई थी। उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया था और लगभग रिकॉर्डिंग भी शुरू कर दी थी। लेकिन, फिर अनु मलिक महेश भट्ट के पास गए और बोले, 'मैं पूरी फिल्म मुफ्त में करूंगा। ये फिल्म बस मुझे दे दो। मैं साउंडट्रैक बनाऊंगा। डब्बू को मत लो। उन्होंने मर्डर में अच्छा म्यूजिक दिया। उनमें जुनून तो है, लेकिन अगर आप अपने उस जुनून में अपने ही परिवार को ही जला देते हैं... एक म्यूजिक कंपोजर के तौर पर मैं उन्हें सलाम करता हूं, लेकिन एक इंसान के तौर पर नहीं।”
जब भाईयों में शुरू हो गया कंपोजर बनने का कॉम्पटीशन
अमाल बताते हैं कि जब वह 10-12 साल के थे, वह अनु मलिक और उनके परिवार के बेहद करीब थे, लेकिन फिर उनके पिता डब्बू मलिक के कंपोजर बनने के बाद उनके बीच कॉम्पटीशन शुरू हो गया। अनु मलिक के बारे में बात करते हुए अमाल ने कहा, “समय के साथ मुझे एहसास होने लगा कि इस इंडस्ट्री में उनके लिए कोई कुछ नहीं है। वह एक वॉर हॉर्स हैं और उन्हें बस आग लगा देनी है। फिर चाहे सामने मैं खड़ा रहूं, डब्बू मलिक खड़े हैं, प्रीतम या लक्ष्मीकांत प्यारेलाल भी आ जाएं। वो मानते हैं कि मैं बेस्ट हूं और मुझे ही ये फिल्म मिलेगी। तो उनमें वो फायर है, लेकिन इस जुनून में वो अपने परिवार को भी भूल जाते हैं।'
अनु मलिक के चलते डब्बू मलिक को करना पड़ा संघर्ष- अमाल मलिक
अमाल कहते हैं- “उनका व्यवहार हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा है। अभी भी जब मेरी उनसे मुलाकात हुई तो उन्होंने खुद मुझे बधाई दी। जब 'सूरज डूबा है' के लिए मुझे पुरस्कार मिला, तब भी उन्होंने बधाई दी और इसे साल का सबसे अच्छा गाना बताया। लेकिन, फिर वो कहते हैं- 'मगर मैंने इससे भी अच्छा गाना बनाया है।' मैंने उनसे पूछा कौन सा? तो उन्होंने कहा- 'मोह मोह के धागे।' मुझे नहीं पता कि वो परिवार से अलग क्यों हो गए, लेकिन अगर आप अपने ही लोगों को काम करने से रोकते हैं, इंडस्ट्री के लोगों से कहते हैं कि उसके साथ काम मत करो तो ये ठीक नहीं है। मेरे पिता ये डिजर्व नहीं करते थे।'
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